दोहा कतारमे सम्पन्न भेल - विद्यापति स्मृति समारोह -२०१६ एवं परदेशी आखर के दोसर अंक सार्वजनिक
दोहा कतारमे सम्पन्न भेल - विद्यापति स्मृति समारोह -२०१६ एवं परदेशी आखर के दोसर अंक सार्वजनिक
✍बिन्देश्वर ठाकुर
अपन मिथिला / दोहा क़तार
"मातृभाषाक जगेर्णा हमरासबहक प्रेरणा" मूल नाराके संग बिगत १६ मास सँ निरन्तर रुपमे आयोजना होइत आबि रहल मैथिली काव्य-सन्ध्या अन्तर्गतके कार्यक्रम #साँझक_चौपाड़ि_पर के सोलहम मासक बैसार तथा विद्यापति स्मृति समारोह-२०१६, मिति: २५/११/२०१६ शुक्र दिन कतारक सहानियामे सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल । कवि बेचन महतो जीक दलान पर आयोजित एहि समारोहमे दूर दूर सँ कवि सबहक आगमन भेल छल । कवि अब्दूर रज्जाक जी सनैया सँ दू घन्टा करबा बस चढि आएल छलनि । तहिना रवीन्द्र उदासी जी अपन मित्रसबहक संग होम सलाल सँ आएल छलाह । कवि विन्देश्वर ठाकुर एवं युवा गजलकार असरफ राईन जी दुर्गम क्षेत्र जमेलिया सँ पहुँचल छलथि ।
दीप प्रज्वलन एवं जय जय भैरवी असुर भयाओनी गीत क संग कार्यक्रम विधिवत रुपे शुरु भेल । बाबा विद्यापतिक' संक्षिप्त जीवनी दैत कविलोकनिद्वारा एक सँ बढिक' एक उम्दा कविता,गीत,गजल आ कतासब वाचन कएल गेल । श्रोतासबमे आनन्द कुमार साह,उमेश महतो,रामसागर महतो,पुनदेव मन्डल,महेन्द्र महतो,रमेश,राजाराम,रामजतन लगायतके दर्जनो सँ बेसी श्रोतासबहक उपस्थिती छल ।
सर्जकसबहक ई रचनासब सुनि सहभागी समुच्चा श्रोतासब मन्त्रमुग्ध भेलाह । संगे एहि कार्यक्रममे कतार सँ प्रकाषित होब बला मैथिली त्रैमासिक पत्रिका ' परदेशी आखर' दोसर अंकके सेहो लोकार्पण कएल गेल । एहि पत्रिकाक print क' सहयोग केलनि प्रिय मित्र Er Satish Kumar Yadav जी, यिनका हृदय सअँ धन्यवाद । ई दृष्यसब देखि अतुका दर्शकसब आओर बेसी प्रसन्न आ उत्साहित भेलाह । संगे एहन गतिविधीसब अहिना निरन्तर होइत रहए हमसब सदैव संग छी से इच्छा सेहो व्यक्त केलनि ।
कार्यव्यस्ताक कारणे नै आबि सकलाह कवि धनेश्वर ठाकुर जी,कवि अशोक कुमार सहनी जी आ शत्रुधन मुखिया जी । मुदा अँनलाइन सँ समर्थन देलनि । तहिना नेपाल सँ सोगारथ यादव जी, इण्डिया प्रणव कान्त झा जी, मलेशिया सँ प्रयास प्रेमी मैथिल जी,राजदेव राज जी, सउदी सँ शशी जी सब सेहो सदिखन उत्साह भरैत रहलाह । साधुवाद यिनका सबगोटेक !
कार्यक्रम विसर्जन उपरान्त कवि बेचन महतो जी द्वारा चुरा,दही,चिनी,अँचार,तरकारी आ मिठाई सहित के मैथिली भोजन सेहो कराओल गेल । माने कहि सकैत छी जे आजुक ई समारोह पूर्ण रुपे जय जय भेल ।
तथापी एकटा गप्पक खूब कचोट भेल जे एतुका बहुते व्यक्ति व संस्थासब (जे अपना आपके मैथिली भाषा विकास लेल सदैव सहयोग करब कहै छथि) ओ सब पत्र/निमन्त्रणा देलाक बाब्जुदो अपना आपके उपस्थितीओ जनौनाइ उचित नै समझलाह से पैघ दुखद ! जऽ इहो सब मन सँ सहयोग करए त हमसब एहि मरुभूमीमे मैथिल पौदा आओर बेसी हरियर बना सकैत छी । धन्यवाद !
✍बिन्देश्वर ठाकुर
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :-अशोक कुमार सहनी
🌷👃🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
✍बिन्देश्वर ठाकुर
अपन मिथिला / दोहा क़तार
"मातृभाषाक जगेर्णा हमरासबहक प्रेरणा" मूल नाराके संग बिगत १६ मास सँ निरन्तर रुपमे आयोजना होइत आबि रहल मैथिली काव्य-सन्ध्या अन्तर्गतके कार्यक्रम #साँझक_चौपाड़ि_पर के सोलहम मासक बैसार तथा विद्यापति स्मृति समारोह-२०१६, मिति: २५/११/२०१६ शुक्र दिन कतारक सहानियामे सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल । कवि बेचन महतो जीक दलान पर आयोजित एहि समारोहमे दूर दूर सँ कवि सबहक आगमन भेल छल । कवि अब्दूर रज्जाक जी सनैया सँ दू घन्टा करबा बस चढि आएल छलनि । तहिना रवीन्द्र उदासी जी अपन मित्रसबहक संग होम सलाल सँ आएल छलाह । कवि विन्देश्वर ठाकुर एवं युवा गजलकार असरफ राईन जी दुर्गम क्षेत्र जमेलिया सँ पहुँचल छलथि ।
दीप प्रज्वलन एवं जय जय भैरवी असुर भयाओनी गीत क संग कार्यक्रम विधिवत रुपे शुरु भेल । बाबा विद्यापतिक' संक्षिप्त जीवनी दैत कविलोकनिद्वारा एक सँ बढिक' एक उम्दा कविता,गीत,गजल आ कतासब वाचन कएल गेल । श्रोतासबमे आनन्द कुमार साह,उमेश महतो,रामसागर महतो,पुनदेव मन्डल,महेन्द्र महतो,रमेश,राजाराम,रामजतन लगायतके दर्जनो सँ बेसी श्रोतासबहक उपस्थिती छल ।
सर्जकसबहक ई रचनासब सुनि सहभागी समुच्चा श्रोतासब मन्त्रमुग्ध भेलाह । संगे एहि कार्यक्रममे कतार सँ प्रकाषित होब बला मैथिली त्रैमासिक पत्रिका ' परदेशी आखर' दोसर अंकके सेहो लोकार्पण कएल गेल । एहि पत्रिकाक print क' सहयोग केलनि प्रिय मित्र Er Satish Kumar Yadav जी, यिनका हृदय सअँ धन्यवाद । ई दृष्यसब देखि अतुका दर्शकसब आओर बेसी प्रसन्न आ उत्साहित भेलाह । संगे एहन गतिविधीसब अहिना निरन्तर होइत रहए हमसब सदैव संग छी से इच्छा सेहो व्यक्त केलनि ।
कार्यव्यस्ताक कारणे नै आबि सकलाह कवि धनेश्वर ठाकुर जी,कवि अशोक कुमार सहनी जी आ शत्रुधन मुखिया जी । मुदा अँनलाइन सँ समर्थन देलनि । तहिना नेपाल सँ सोगारथ यादव जी, इण्डिया प्रणव कान्त झा जी, मलेशिया सँ प्रयास प्रेमी मैथिल जी,राजदेव राज जी, सउदी सँ शशी जी सब सेहो सदिखन उत्साह भरैत रहलाह । साधुवाद यिनका सबगोटेक !
कार्यक्रम विसर्जन उपरान्त कवि बेचन महतो जी द्वारा चुरा,दही,चिनी,अँचार,तरकारी आ मिठाई सहित के मैथिली भोजन सेहो कराओल गेल । माने कहि सकैत छी जे आजुक ई समारोह पूर्ण रुपे जय जय भेल ।
तथापी एकटा गप्पक खूब कचोट भेल जे एतुका बहुते व्यक्ति व संस्थासब (जे अपना आपके मैथिली भाषा विकास लेल सदैव सहयोग करब कहै छथि) ओ सब पत्र/निमन्त्रणा देलाक बाब्जुदो अपना आपके उपस्थितीओ जनौनाइ उचित नै समझलाह से पैघ दुखद ! जऽ इहो सब मन सँ सहयोग करए त हमसब एहि मरुभूमीमे मैथिल पौदा आओर बेसी हरियर बना सकैत छी । धन्यवाद !
✍बिन्देश्वर ठाकुर
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :-अशोक कुमार सहनी
🌷👃🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷








कोई टिप्पणी नहीं