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छठी गीत निर्जल उपासलि मैथिली देथिन अरघिया छठि हे' अहींकेँ अरघिया

छठि गीत ~निर्जल उपासलि मैथिली देथिन अरघिया 
छठि हे' अहींकेँ अरघिया 


शिव कुमार झा टिल्लू 
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निर्जल उपासलि मैथिली देथिन अरघिया 
छठि हे' अहींकेँ अरघिया 
सुरूज देवसँ कहबै ना 
माता   भरदुतिये के' दिनसँ अहूँ मिथिलेमे रहबै ना !
कोनियाँ सुनयनाक हाथे जनक माँथ बघिया 
आहे राम जनक माँथ बघिया 
सभ मिथिलानी सहबै ना 
छठिहे' पटोर पहिरिके' सांचक आँटा महबै ना !!
साँझे  प्रत्यूषा  आगत 
भोरमे ऊषा के  भागत 
 सांझ भोर आगत भागत  मिलि-जुलि करबै 
छठिहे मिलि-जुलि करबै तापसि बनि हम  सहबै ना 
भक्तिक भार उठायब भरिया कमलातट धरि बहबै ना 
बाटक कांकड़ हे माता 
करथि एकात सुजाता 
बाटक कांकड़ हे माता चुनथि बेटी नयना 
छठिहे भावुक भेली मयना श्रद्धा सागर बढ़बै ना 
गलती काल अहींकेर माता हम त'  चरण पकड़बै ना !
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"

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