फेर सँ दुःशासन के जाँघ तोड़ी दियौ ।शिक्षा सँ बालिकासब के जोड़ी दियौ ।।करैथ प्रदान अहाँ के भगवती वो शक्ति ।बहि रहल बिकृत हावाके मोड़ी दियौ ।।✍ बिजय कुमार झा
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