छठि एली (मैथिली दुअरिया ) २ कि मिथिला नगरियामे हे
छठि गीत : ( धुन : सोहर , ताल : दादरा )
✍शिव कुमार झा टिल्लू
*********************************************
छठि एली (मैथिली दुअरिया ) २ कि मिथिला नगरियामे हे
रामा आजु खरनाके दुपहरिया कि चलूने बजरियामे हे !
पसरल (फल अहिवात ) २ कि कात डगरियामे हे
रामा आबिगेली सोझाँ छठिमाय कि बैसि कहरियामे हे !
बूढ़ सूढ़ ( स्वर करताल ) २ कि सटल पमरियामे हे
रामा फलि गेल भगति रसाल कि नवल गुजरियामेमे हे !
मुदित (दिवाकर भाल ) २ कि रांगल सिनुरियामे हे
रामा रहि रहि चान मलाल कि सातम इजोरियामे हे !
सभतरि (छठि के मान ) २ कि ज्ञान बघरियामे हे
रामा भीजल पथ दिनमान कि अदरा फुहरियामे हे !
✍शिव कुमार झा 'टिल्लू'
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷❤🔵🔵🔵
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷❤❤🔵🔵🔵
✍शिव कुमार झा टिल्लू
*********************************************
छठि एली (मैथिली दुअरिया ) २ कि मिथिला नगरियामे हे
रामा आजु खरनाके दुपहरिया कि चलूने बजरियामे हे !
पसरल (फल अहिवात ) २ कि कात डगरियामे हे
रामा आबिगेली सोझाँ छठिमाय कि बैसि कहरियामे हे !
बूढ़ सूढ़ ( स्वर करताल ) २ कि सटल पमरियामे हे
रामा फलि गेल भगति रसाल कि नवल गुजरियामेमे हे !
मुदित (दिवाकर भाल ) २ कि रांगल सिनुरियामे हे
रामा रहि रहि चान मलाल कि सातम इजोरियामे हे !
सभतरि (छठि के मान ) २ कि ज्ञान बघरियामे हे
रामा भीजल पथ दिनमान कि अदरा फुहरियामे हे !
✍शिव कुमार झा 'टिल्लू'
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷❤🔵🔵🔵
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷❤❤🔵🔵🔵

कोई टिप्पणी नहीं