सुन्दर नगरी मिथिला धाम
सुन्दर नगरी मिथिला धाम
✍👤दिनेश कुमार राम
सगरो दुनियाँ मे घुमी आबु, नै भेटत एहन ठाम यौ!
जाही धरती पर जन्म हम लेलौ, उ छैत मिथिला धाम यौ!!
बारिए झारिए साग भेटैए, टाटही पर तिलकोर यौ!!
जुनि भुली मिथिला के खाना, छै सब सं महान यौ!!
राजा जनक के छै इ धरती, कहै छै मिथिला धाम यौ!!
जाही धरती पर माता सिता, आ छैत पाहुन राम यौ!!
जहिठाम भेटए माछ पान, साथमे भेटे मखान यौ!
उ धरती छै स्वर्ग सं सुन्दर, अपन मिथिला धाम यौ!!
सुन्दर सुन्दर वाग बगैंचा, छैत अपन गाम यौ!
सुन्दर नगरी आ सुन्दर गाउँ, उ छैत मिथिला धाम यौ!!
✍👤दिनेश कुमार राम
सुगा मधुकरही-६ धनुषा
हाल: दोहा कतार
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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