लवकुश संग माय खेलथि होरी !!
लवकुश संग माय खेलथि होरी !!
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
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लवकुश संग माय खेलथि होरी !
सिया चरण पीयर रंग शोभनि
देखथि हनुमंत करजोरी !
हे कपिराज अहाँ जेठ बालक
मोहि लेलहुँ पूत मनमोरी !
अचके गंग खुशीसँ छलकल
पोछल कपि नयना नोरी !
अंजलि लालकेँ लाल प्रिय छनि
खोललि सिया लाले झोरी !
खसल कपीश जानकी चरणा
नहि अछि एहि भक्तक जोड़ी !
दुहू बालक रंग संग लीपित छथि
खोलि रहल हरियर बोरी !
सद्यः हर जननीक शरणमे
सुनथि शिव प्रेमक लोरी !
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| शिव कुमार झा टिल्लू जी |
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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