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अहा के बिन यै सजनी मौन नै लगैया

।। मैथिली सरगर गीत ।।



            आनंद मिश्र 'मिलन'। 

सुनीलजी- अहा के बिन यै सजनी मौन नै लगैया,
की हम कहू, कौना हम कहू, सै किछु नै फूराइया।
अनुजाजी- अहा के बिन यौ सजना मौन नै लगैया,
की हम कहू, कौना हम कहू, सै किछु नै फूराइया।
सुनीलजी- अहा के बिन........।

सुनीलजी- कैहेन कठोर भेलखीन बाबूजी हमर,
अखैन धरी गौना नै करबैल खीन    हमर।
आब नै रहल जाइया, आब नै सहल जाइया।
की हम कहू, कौना हम कहू, सै किछु नै फूराइया।
अनुजाजी- अहा के बिन.......।

अनुजाजी- अपन विवाह के दू साल पूरतेय,
आबिते फगुआ में तेसर चहरतैय।
जीवन जरैया, मौन तड़पेया।
की हम कहू, कौना हम कहू, सै किछु नै फूराइया।
सुनीलजी- अहा के बिन.......।

सुनीलजी- जै करता बाबूजी करअ परत यै,
रीत इ मिथिला के धरअ परत यै।
तै बेटी मिथिला के सीता पूजाइया
की हम कहू, कौना हम कहू, सै किछु नै फूराइया।
अनुजाजी- अहा के बिन.......

नॉट :- एहि गीत रिकॉड भचुकल अछि
सुनील पवन आ अनुजा जी आवाज में

लेखक - आनंद मिश्र जी










👤✍आनंद मिश्र "मिलन"

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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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