याद अखनो बड़ अाबैए प्रिय अहाँके
💐याद अखनो बड़ आबैए प्रिय अहाँके 💐
✍👤कलमदेब महतो
भुईल नेऽ सकलौ हम प्रिय अहाँके
याद अखनो बड़ अाबैए प्रिय अहाँके
ईजोर जीनगीमे अन्हार कऽ गेलौ अहाँ
जीनगीके सबटा सपना तोडी़ कऽ गेलौ अहाँ
प्रेममे धोखा हमरा द'क प्रिय गेलौ अहाँ
जीअ नेऽ देलौ प्रिय बताह बनादेलौ अहाँ
चाहलौ प्रिय हम अहाँके जान परान सँ
छोड़ी'क प्रिय अहाँ चलिगेलौ बड़ गुमान सँ
प्रेम नेऽ कर'बाक छल तँ'प्रेम किये केनौ अहाँ
प्रेम'क खेल-खेल'क बड़ अपराध केनौ अहाँ
भुईल नेऽ सकलौ हम प्रिय अहाँके
याद अखनो बड़ अाबैए प्रिय अहाँके
✍👤कलमदेब महतो
जनकपुर
✍👤कलमदेब महतो
भुईल नेऽ सकलौ हम प्रिय अहाँके
याद अखनो बड़ अाबैए प्रिय अहाँके
ईजोर जीनगीमे अन्हार कऽ गेलौ अहाँ
जीनगीके सबटा सपना तोडी़ कऽ गेलौ अहाँ
प्रेममे धोखा हमरा द'क प्रिय गेलौ अहाँ
जीअ नेऽ देलौ प्रिय बताह बनादेलौ अहाँ
चाहलौ प्रिय हम अहाँके जान परान सँ
छोड़ी'क प्रिय अहाँ चलिगेलौ बड़ गुमान सँ
प्रेम नेऽ कर'बाक छल तँ'प्रेम किये केनौ अहाँ
प्रेम'क खेल-खेल'क बड़ अपराध केनौ अहाँ
भुईल नेऽ सकलौ हम प्रिय अहाँके
याद अखनो बड़ अाबैए प्रिय अहाँके
✍👤कलमदेब महतो
जनकपुर
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| कवि - कलमदेब महतो जी |


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