परदेश में
मैथिली रचना
गाम छोडी हम राजा के बसलौ परदेश मे !
नइना के लोर हमरा देलौ सनेस मे !
काइट लै छि दिन कोना राइत नै कटैयै !
पिया नीर मोहिया बिना रहलो नै जाय यै !
आहा तै सुखी हेवै हम छि कलैस मै !
सब के पाहुन परदेश कमाइ छ यै !
तयो नै सङ्गी सब के चिलका खेलाइ छ यै !
स्वइरि के तेल कहिया लेवै हम केश मे !
भेज यै छि चिठी पिया आइ जैव गाम यो !
बुझु नब दुख सजना अहन यो !
लेखै छि कौन के मुदा बुझ बैइ विशेष मे !
गाम छोडी आहा राजा बसलौ परदेश मे !
श्रवण राज मेहेता
सुनसरी हाल मलेसिया
भाग न: २
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