गोरी आँगन में दियारी जलाके बैठल छै
🎆दियावाती के शुभकामना 🎆
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गोरी आँगन में दियारी जलाके बैठल छै
✒✍ अशोक कुमार सहनी
हाथ में प्यार के मेहदी लगा के बैठल छै ,
गोरी आँगन में दियोरी जलाके बैठल छै ।
आसमान के अचरा से सजल सितारा,
माथा में चाँद के टुकलि लगाके बैठल छै ।
नयन में चमकैत आश के दियोरी,
अन्हरिया में सुमधुर मुस्कान लके बैठल छै ।
सातरंग'क चूरि से भैर भैर के कलाई ,
हाथ में स्नेहक के दियोरी जलाके बैठल छै ।
प्रतिक्षा के बदला सेहो त लेतै गिरी,
मन में कतेक झूठा उलहना लके बैठल छै ।
✒✍अशोक कुमार सहनी
लहान ४ रघुनाथपुर
अखुन (दोहा क़तार)
🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
❤🌷❤🌷🌷✔❤✔🔵
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गोरी आँगन में दियारी जलाके बैठल छै
✒✍ अशोक कुमार सहनी
हाथ में प्यार के मेहदी लगा के बैठल छै ,
गोरी आँगन में दियोरी जलाके बैठल छै ।
आसमान के अचरा से सजल सितारा,
माथा में चाँद के टुकलि लगाके बैठल छै ।
नयन में चमकैत आश के दियोरी,
अन्हरिया में सुमधुर मुस्कान लके बैठल छै ।
सातरंग'क चूरि से भैर भैर के कलाई ,
हाथ में स्नेहक के दियोरी जलाके बैठल छै ।
प्रतिक्षा के बदला सेहो त लेतै गिरी,
मन में कतेक झूठा उलहना लके बैठल छै ।
✒✍अशोक कुमार सहनी
लहान ४ रघुनाथपुर
अखुन (दोहा क़तार)
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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