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बेजोड़ मैथिलि गीत

बेजोड़
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नाचै मोर मनक मधुबन में
मारै हिया हिलोर
देख क तोहर मुखड़ा गोरी
धड़कै जिया बेजोड़।

कुहकै कोयली मन उपवन में
निस दिन भोरे भोर
अन्हारो में होय उजियारा
गात एहन छौ गोर।

सुन्दर सुमुख मदिरायल नैना
चाइल करै छौ शोर
छेँ हिलसाबैत धरतीक सीना
नोर बहाबै मोर।

नामक चर्चा भरि जग फैलल
नै कियो तोहर जोड़
बनि दीवाना तोहर जमाना
मिट गेल लाख करोड़।
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✍ राजीव कर्ण।

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