टाका खातिर बैरी भेल अपन
आँखिसँ आँखि मिलान करैए
सोन समैया जियान करैए
टाका खातिर बैरी भेल अपन
मदति त' अनके आन करैए
हरियर खेत मुरखहबा बलसँ
देखू फुटानी विदवान करैए
एसगर लहास कान्हपर नेने
देखियो सत्ता छाती पषाण करैए
मौसम केहनो सीमापर गश्ती
ओ अपटी खेतमे जान करैए
मैथिलीकेँ नञि आओर सेहेंता
मिथिला परजे गुमान करैए
~> ✍ मैथिल प्रशान्त
दुर्गौली, बेनीपट्टी ।
कोई टिप्पणी नहीं