हम त' नयना नीर बहाबी ,तों दरस देखा दे मा ।
दरस देखा दे मा अपन दरस देखा दे मा ।
हम त' नयना नीर बहाबी ,तों दरस देखा दे मा ।
पूजा पाठ आ मंत्र नञि जानी बस दोहराबी मा ।
नीश दिन साँझ देखाबी, तों दरस देखा दे मा ।।
तोहर दुलरुआ बड़ एसगरुआ तोरे गोहराबी मा ।
मंदिर जा क' शिश झुकाबी, तों दरस देखा दे मा ।।
निर्बल निर्मल बालक छी तोरे कोना मनाबी मा।
टूटल हिय आश जगाबी, तों दरस देखा दे मा ।।
माय जकर ममतामयी छै कोनाक' नोर बहाबी मा।
प्रशान्तकेँ किइए बिसराबी,तों दरस देखा दे मा ।।
~> ✍मैथिल प्रशान्त
दुर्गौली, बेनीपट्टी ।
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