गामक लोक प्रदेश रहैए
✍मैथिल प्रशान्त
गामक लोक प्रदेश रहैए
दुख संताप क्लेश रहैए
ब्योंत अपन सुतार'के छै
बनेने केहेन भेष रहैए
लौट अओतै नै जएवला
सेहेंता देख'के शेष रहैए
छहोछित छै छाती हमर
कोनो पयरेमे ठेस रहैए
पूजामे शुचिता तकै छथि
पापक पूँजी निवेश रहैए
~> मैथिल प्रशान्त
दुर्गौली, बेनीपट्टी ।
गामक लोक प्रदेश रहैए
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अक्टूबर 10, 2016
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