मिथिला में दिया-बाती दिन ओरियान - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

मिथिला में दिया-बाती दिन ओरियान

मिथिला में दिया-बाती दिन ओरियान
<><><><><><><><><><><><><>

       मैथिल लक्ष्मी स्त्री  आ पुरूष अपन अपन ओरियान में व्यस्त रहैत छथि।स्वयं लक्ष्मी स्त्री द्वारा माँ लक्ष्मीक अराधना पहिल साँझखन केल जायत। भोरे सौं घर अंगना नीपी बहारि पवित्र कय दीप सब में  बाती ओरियवै छथि। दिवारी बना बाती दय रखई छथि।आमक पल्लव कलश पीढी आदि  ओरिया रखै छथि।पुरूष लोकनि ऊका-ऊकी लेल उक् बनवै छथि।

दलान दरवाजा त किछुदिन पहिने सौं छिली साफ केने रहै छथि। ठेकनगर धियापुता ब्रह्म बाबा आ आरो मंदिर पर उक् चढवै  लेल जाई छथि आ नेना सब फटक्का निहारि निहारि फोरई लेल कसमसाइत रहै छथि। उका-उका लेल गेनी अलग तेल में फूईल रहल छनि।पूर्व में त बाँसक कनसुप्तीयो खूब गँथि रखई छला धियापुता।


         दिया-बाती दिन १४ बरष के बनवास काटी मर्यादा पुरुषोत्तम राम आ अपन मिथिलाक माता सीता जे स्वयं लक्ष्मीजी छथि आपस देश एल छली। हुनका लोकनिक आपसी सौं एतेक मनुजन में प्रसन्नता भेलनि जे दीप जरा ततेक इजोत कय देलनि जे अमावस्या रहितो पूर्णिमाक इजोत भय गेल। किएक नै! अपन मैथिल बेटी आ जमाय वन सौं विपैत काटि आपस जे भेली।


जय जय श्री सीताराम!
जय माँ लक्ष्मी!

साभार - मिथिला पेज


 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट-: अशोक कुमार सहनी
✔✔✔✔✔✔✔✔✔✔

🔵🎆.🎆
🎆

कोई टिप्पणी नहीं