गे मैया आबहु लाज बचा दे
गे मैया आबहु लाज बचा दे
✍अमित पाठक
उब-डुब नैया भँवर में अटकल
कहुना पार लगा दे
गे मैया आबहु लाज बचा दे
गे मैया आबहु...............
भव सँ पार कोना तरि पेबै
टूटल अछि पतवारे
बैसल तोरे आश ध' जननी
हमर ई आश पुरा दे
गे मैया आबहु.................
नै अछि आन सहारा दोसर
जएब ककर हम द्वारे
के विलटल के देखए जग में
तुँही माय देखा दे
गे मैया आबहु ................
हाथ पकड़ि तुँ बाट धरा दे
सुत केर बनि रखवारे
अशरण शरण तोहर हे मैया
दुर्गति दूर भगा दे
गे मैया आबहु .................
उब-डुब नाव..........
✍ अमित पाठक
✍अमित पाठक
उब-डुब नैया भँवर में अटकल
कहुना पार लगा दे
गे मैया आबहु लाज बचा दे
गे मैया आबहु...............
भव सँ पार कोना तरि पेबै
टूटल अछि पतवारे
बैसल तोरे आश ध' जननी
हमर ई आश पुरा दे
गे मैया आबहु.................
नै अछि आन सहारा दोसर
जएब ककर हम द्वारे
के विलटल के देखए जग में
तुँही माय देखा दे
गे मैया आबहु ................
हाथ पकड़ि तुँ बाट धरा दे
सुत केर बनि रखवारे
अशरण शरण तोहर हे मैया
दुर्गति दूर भगा दे
गे मैया आबहु .................
उब-डुब नाव..........
✍ अमित पाठक

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