करवा चौथ (बीहनि प्रेम कथा)
करवा चौथ (बीहनि प्रेम कथा)
✍वी. सी. झा "बमबम"
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| वी. सी.झा |
एतबहि त कनियाँ बजली ताहि पर साउस लोहछि कऽ तऽ गोबरक चोत छियै तऽ हम कि करियौक उठा कऽ फेक दियौक कि सैह हमर काज अछि कि ? एतय एलहु आ जूति चलबऽ लगलहु से नहि चलत हमरा लग से बुझि लियौ !
कनियाँ पूणः सिनेह पूर्वक बजलि हम जे नहि कहैत छियैन ! तखन कि कहैत छी अहाँ यई ? अहाँ हमरा पढ़ायब से हम पढ़ि लेव ? ओ तऽ हमर छौड़ा'क अहाँ माय नोन पढ़ा क खुआ देलक नहि त हम - - - - - गांउक लोक हमरा चिन्हैत अछि !
कहलियैन जे काल्हि करवा चौथक पावनि छियै से कने ओकर समान सब ओरियौन क दितथिन कनियाँ बजली !
साउस :- एंऽ यऽइ इ कोन गोबरक चोत नवका पावनि उखरलइ यऽइ हमर साठि - पैंसठ वरखक वयस भेल आय धड़ि नहि गोबरक चोत पावनि संऽ भेंट भेल आ अहाँ नैन्ह दिनक नहि भेलहु कि हमरे पावनिक ज्ञान देवह लगलहु कि ना छियै !
~ नय यई माँ हम हिनका किआक जे छय से - - - -
~ तखन कि छियै इ गोबरक चोत ? आंय
~ इ पावनि जे सधवा स्त्रीगण अपन पति संऽ सिनेह करैत अछि से हुनक पैघ ओर्दा'क लेल करैत अछि !
~ अच्छ अहाँ'क इ कहवाक मतलव अछि जे हम अहाँ'क ससुर सऽ सिनेह नहि करैत छलहु आ नहि करैत छी सैह ने ? एलहु आ हमरा संग अराइर शुरु क देलहु किने ? अहाँ'क सैह मोन अछि तऽ हम आइये बउआ कऽ मोबाइल क'के कहैत छियै अहाँ'क ओतहि लऽ जायत आ ओतय भड़ि मोन सिनेह आ गोबरक चोत पावनि करैत रहब ! हं एकटा बात कान खोलि कऽ सूनि लिऽ एतऽ ओ सब नहि चलत हमरा लग फूसिंयाहु के से बुझि के राखू !
~ आब हिनका के बूझेतनि ?
~ तऽ अहाँ मूने जे - जे अहाँ कहब से - से हम करैत रहब की !
आब पूतहु बेचारी कि करतिह चूपे रहनहि भल बुझलथि साउस त बात सुनतथि नहिए तखन व्यर्थे कलह !
वी०सी०झा"बमबम"
कैथिनियाँ


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