तु त मुस्कि देखा बै छि जोगबन्नि मे
●●●●●मैथिली गित●●●●●
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तु त मुस्कि देखा बै छि जोगबन्नि मे/
हे गे मिलजेतो तोरा बरमझिया पेडा चौबन्नि मे/
केश झबराक हाथ नमराक पकैड चलैछि छाता गे/
छिटने घुरैछि प्रेमपोटरी किछो नै चलैछो पता गे /
सबठे खोजलौ कतो नै भेटल तोरासनक् मधुबन्नि मे /
हे गे मिलजेतो तोरा बरमझीया के पेडा चौबन्नि मे /
कारी केशक लाल बना खिडबै छे तु जाल गे /
सॅगी साथि मे लडा बन्बै छे एकदोसरा के काल गे/
देख तोरा जुइट गेलै छौडा गामक दौन्नि मे/
हे गे मिलजेतो तोरा बरमझिया के पेडा चौबन्नि मे/
माथपर चस्मालगा बज्बैछि सुस्कारी गे
पिछा तोहर हजारो परल बुझैछि सबक अपन पुजारी गे/
तोरा देखलास हम यी बुझैछि नै छै गहुॅम जर कौनि मे /
हे गे मिलजेतो तोरा बरमझिया के पेडा चौबन्नि/
जय मिथिला जय मैथिल
साभार✍ प्रदीप मेहता "मैथिल"
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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तु त मुस्कि देखा बै छि जोगबन्नि मे/
हे गे मिलजेतो तोरा बरमझिया पेडा चौबन्नि मे/
केश झबराक हाथ नमराक पकैड चलैछि छाता गे/
छिटने घुरैछि प्रेमपोटरी किछो नै चलैछो पता गे /
सबठे खोजलौ कतो नै भेटल तोरासनक् मधुबन्नि मे /
हे गे मिलजेतो तोरा बरमझीया के पेडा चौबन्नि मे /
कारी केशक लाल बना खिडबै छे तु जाल गे /
सॅगी साथि मे लडा बन्बै छे एकदोसरा के काल गे/
देख तोरा जुइट गेलै छौडा गामक दौन्नि मे/
हे गे मिलजेतो तोरा बरमझिया के पेडा चौबन्नि मे/
माथपर चस्मालगा बज्बैछि सुस्कारी गे
पिछा तोहर हजारो परल बुझैछि सबक अपन पुजारी गे/
तोरा देखलास हम यी बुझैछि नै छै गहुॅम जर कौनि मे /
हे गे मिलजेतो तोरा बरमझिया के पेडा चौबन्नि/
जय मिथिला जय मैथिल
साभार✍ प्रदीप मेहता "मैथिल"
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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