****कतय गेल**** : 196
****कतय गेल**** : 196
=================
✍👤पारस नाथ मिश्र (अनिल)
कतय गेल ओ छेंड़ी -बकरी,
गेल कतय ओ गाय महींस
कतय गेल ओ हर -हरवाहा
गेल कतय ओ बरद रहीश।।
बड़का नादि कतय गेल मालक
कतय गेल ओ भरल बथान,
कतय गेल ओ सागक बाड़ी
गामक चलि गेल कतय दलान ।।
गेल कतय ओ ऊपजा -बारी
लागय धनहर खेत मशान
धान -गहूँमक काँर कतय गेल
खाली परल सकल खरिहान ||
मुरही वाली मुरही-कचड़ी
भरि पथिया लय घुमै छल खेत
पान वला बेचै छल लाली
साँझ बटोरय धान अनेक।।
हजमा दौड़य खेते -खेते
दाबीसँ काटय ओ मूँठि
धिया-पुता लोढ़ा-बिच्छा लेल
बोनिहारिन आंटी लेल रूसि||
अधरतिएसँ बरदक खोजी
दाउन चढ़ायब पसरल पौर
दोड़र,मेह कसल गिरहसकेँ
बान्हल धान संगहि संग बैर ।।
कतय गेल ओ धान ओसाहब
पसरल शील्ह भरल खरिहान
पाथर संग गोबर मिर्चाईक
विधि राखब छल देव समान।।
जोखब राम, अधीन, तीन कहि-२
अगौं राखि पहिनहिं भरि सूप
"ई हमरा लेल" से कहि बेटी
पहिनहि सँ होई छल बड़ खूश।।
कतय गेल गहुँमक संग सरिसो
बथुआ आर खेसारीक साग
सजमनि आओर कदीमाक लत्ती
भांटा रामझिमनी केर बाग ।।
हर -हरीश, पालो ,कनैल सभ
कतय गेल बरही हरलद्धा
हरवाहक ओ तान कतय गेल
हरवाहिक फट्ठी ओ अद्धा ।।
कतय गेल मरुआ-अल्हुआ सभ
चलि गेल कतय मकैयक बाइल
ओरहा-उसना भेल सेहन्ता
सुनि पाबी नहि झिंगुरक झाइल ।।
कतय गेल ओ टेकुरी चरखा
गेल कतय ओ डोल ईनार
ढेकी, जाँत, समाठ कतय गेल
गेल कतय उक्खरि सरदार ।।
खापरि , लारनि भेल निपत्ता
भेटय ने किछु जौं फोरब कप्पार
कतय गेल व्यवहार पहिलुका
गेल कतय ओ बात -विचार।
गेल कतय ओ बात -विचार।।
=================
✍👤पारस नाथ मिश्र (अनिल)
गाम -जरैल (गाछी टोल)
दिनांक- २९/११/२०१६
सम्पादन : संतोष झा , गुवाहाटी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
👃👃👃👃👃👃📦
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
✒✒✒
=================
✍👤पारस नाथ मिश्र (अनिल)
कतय गेल ओ छेंड़ी -बकरी,
गेल कतय ओ गाय महींस
कतय गेल ओ हर -हरवाहा
गेल कतय ओ बरद रहीश।।
बड़का नादि कतय गेल मालक
कतय गेल ओ भरल बथान,
कतय गेल ओ सागक बाड़ी
गामक चलि गेल कतय दलान ।।
गेल कतय ओ ऊपजा -बारी
लागय धनहर खेत मशान
धान -गहूँमक काँर कतय गेल
खाली परल सकल खरिहान ||
मुरही वाली मुरही-कचड़ी
भरि पथिया लय घुमै छल खेत
पान वला बेचै छल लाली
साँझ बटोरय धान अनेक।।
हजमा दौड़य खेते -खेते
दाबीसँ काटय ओ मूँठि
धिया-पुता लोढ़ा-बिच्छा लेल
बोनिहारिन आंटी लेल रूसि||
अधरतिएसँ बरदक खोजी
दाउन चढ़ायब पसरल पौर
दोड़र,मेह कसल गिरहसकेँ
बान्हल धान संगहि संग बैर ।।
कतय गेल ओ धान ओसाहब
पसरल शील्ह भरल खरिहान
पाथर संग गोबर मिर्चाईक
विधि राखब छल देव समान।।
जोखब राम, अधीन, तीन कहि-२
अगौं राखि पहिनहिं भरि सूप
"ई हमरा लेल" से कहि बेटी
पहिनहि सँ होई छल बड़ खूश।।
कतय गेल गहुँमक संग सरिसो
बथुआ आर खेसारीक साग
सजमनि आओर कदीमाक लत्ती
भांटा रामझिमनी केर बाग ।।
हर -हरीश, पालो ,कनैल सभ
कतय गेल बरही हरलद्धा
हरवाहक ओ तान कतय गेल
हरवाहिक फट्ठी ओ अद्धा ।।
कतय गेल मरुआ-अल्हुआ सभ
चलि गेल कतय मकैयक बाइल
ओरहा-उसना भेल सेहन्ता
सुनि पाबी नहि झिंगुरक झाइल ।।
कतय गेल ओ टेकुरी चरखा
गेल कतय ओ डोल ईनार
ढेकी, जाँत, समाठ कतय गेल
गेल कतय उक्खरि सरदार ।।
खापरि , लारनि भेल निपत्ता
भेटय ने किछु जौं फोरब कप्पार
कतय गेल व्यवहार पहिलुका
गेल कतय ओ बात -विचार।
गेल कतय ओ बात -विचार।।
=================
✍👤पारस नाथ मिश्र (अनिल)
गाम -जरैल (गाछी टोल)
दिनांक- २९/११/२०१६
सम्पादन : संतोष झा , गुवाहाटी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
👃👃👃👃👃👃📦
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
✒✒✒









कोई टिप्पणी नहीं