हम बेटी विविधा की लिखूँ
की लिखूं
हम बेटी विविधा की लिखूँ
✍👤अशोक कुमार सहनी
पूरा दुनियाँ अछि, स्वार्थी
हम अपन अस्वार्थ की लिखूँ
सबके चाही अपने सुविधा
हम अपन सुविधा की लिखूँ
प्रेमर्षि लिखै छै, नारी विधा
हम बेटी विविधा की लिखूँ
रचना , आरती, नेहा, रिता
हम लघु कविता की लिखूँ
गाबै छै, अपने जीवनी कंचन
हम नारी'क जिनगी की लिखूँ
जीवन यापन अछि, मनुख विधा
'अशोक' स्वंम विधा की लिखूँ
हम तँ बस जानी मौन विधा
ई अनुभूत विधा की लिखूँ
पूरा दुनीयाँ अछि, स्वार्थी
हम अपन अस्वार्थ की लिखूँ
✍👤 अशोक कुमार सहनी
लहान ४ रघुनाथपुर
हॉल(दोहा क़तार)
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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हम बेटी विविधा की लिखूँ
✍👤अशोक कुमार सहनी
पूरा दुनियाँ अछि, स्वार्थी
हम अपन अस्वार्थ की लिखूँ
सबके चाही अपने सुविधा
हम अपन सुविधा की लिखूँ
प्रेमर्षि लिखै छै, नारी विधा
हम बेटी विविधा की लिखूँ
रचना , आरती, नेहा, रिता
हम लघु कविता की लिखूँ
गाबै छै, अपने जीवनी कंचन
हम नारी'क जिनगी की लिखूँ
जीवन यापन अछि, मनुख विधा
'अशोक' स्वंम विधा की लिखूँ
हम तँ बस जानी मौन विधा
ई अनुभूत विधा की लिखूँ
पूरा दुनीयाँ अछि, स्वार्थी
हम अपन अस्वार्थ की लिखूँ
✍👤 अशोक कुमार सहनी
लहान ४ रघुनाथपुर
हॉल(दोहा क़तार)
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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