हम छी मैथील ,मिथिला के जवान
हम छी मैथील ,मिथिला के जवान
✍👤कुमार ललित"प्रेमर
यान वान अछि नजर सँ पहिचान
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
मरूवा रोटी चट्नी डेर्वी माछक जलपान
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
धोती कुर्ता गम्छा पगड़ी के करि सम्मान
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
मिथिला नगरी पावन धर्ती स्वर्गक अछि समान
जाही नगरी मे स्नेह अनमोल मिथिला के जवान।
भोर भिन्सर चुर्मुन्निक चुहु चुहु सितल हुवे आभाष
लोभलालच नए स्वच्छ दिलक मिथिला के जवान।
जहि ठाम नित दिन बहै कमला, कोशी,बलान
ओत्ये के हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
विदेहक मिथिला जनकक छेल सान
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
शिरक पगड़ी'क करि बखान बहुते मिले सर्वनाम
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
चवाबी जेखुन मदहिया पान निकलय दुश्मन के जान
हम छी मैथिल,मिथिला जवान।
✍👤 कुमार ललित"प्रेमर
💝💝💝🎼💝💓💓💓💓💟💟💟💟💓💓💓💓💝
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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| लेखक - ललित जी |
✍👤कुमार ललित"प्रेमर
यान वान अछि नजर सँ पहिचान
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
मरूवा रोटी चट्नी डेर्वी माछक जलपान
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
धोती कुर्ता गम्छा पगड़ी के करि सम्मान
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
मिथिला नगरी पावन धर्ती स्वर्गक अछि समान
जाही नगरी मे स्नेह अनमोल मिथिला के जवान।
भोर भिन्सर चुर्मुन्निक चुहु चुहु सितल हुवे आभाष
लोभलालच नए स्वच्छ दिलक मिथिला के जवान।
जहि ठाम नित दिन बहै कमला, कोशी,बलान
ओत्ये के हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
विदेहक मिथिला जनकक छेल सान
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
शिरक पगड़ी'क करि बखान बहुते मिले सर्वनाम
हम छी मैथिल,मिथिला के जवान।
चवाबी जेखुन मदहिया पान निकलय दुश्मन के जान
हम छी मैथिल,मिथिला जवान।
✍👤 कुमार ललित"प्रेमर
💝💝💝🎼💝💓💓💓💓💟💟💟💟💓💓💓💓💝
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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