क के सोलह श्रीगार, गोरी घूम नै बाजार (मैथिलि चहटगर गीत)
💐मैंथिली चहटगर गीत 💐
क के सोलह श्रीगार, गोरी घूम नै बाजार
✍👤आनंद मिश्र 'मिलन'।
क के सोलह श्रीगार, गोरी घूम नै बाजार।
तौहर नैयना गे हमरा लगैया कटार।
क के सोलह........।
ऐना जे सदिखन सजधजी के बहरेबही,
कतैको हिरदैय के रनिया तौ धड़केबही।
तौहर रुप छै कमाल, तौ करै छै धमाल।
तौहर बोली गे हमरा लागेया बेजोर।
क के सोलह.........।
मूसकी तौहर छौउ गे बरा जान मारुख,
कतैको करैया देख अपन नैयन सूख।
तौहर चालै बबाल, छौरा हौइया नेहाल।
तौहर पायल गे गोरी बजैया झनकार।
क के सोलह..........।
हमर तौहर "मिलन" हेतै बाज नै कहिया,
सोचैय छी सब राइत बनाबी तौरे कनिया।
आब की कहू हाल, हम छी तौरे लेल बैहाल।
तौहर यौवन गे हमरा करैया बिमार।
क के सोलह.........।
।। समाप्त ।।
।✍👤आनंद मिश्र "मिलन"
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| लेखकः - आनंद मिश्र "मिल्न"जी |
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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