संशोधन विधेयक पारित करैकेलेल ४ टा भोटलेल कुस्ती, एमालेबिन पारित करै के एहेन अछि तयारी
संशोधन विधेयक पारित करैकेलेल ४ टा भोटलेल कुस्ती, एमालेबिन पारित करै के एहेन अछि तयारी
अशोक कुमार सहनी ,अपन मिथिला ,बैशाख १७ गते । सरकार संसदमें प्रस्तुत केने संविधान संशोधन विधेयक पारित करै लेल ४ भोट नै पुइग रहल अछि ओकरालेल सरकार बहुत जोर शोर से गृहकार्य करहल अछि ।
कांग्रेस आ माओवादी केन्द्रके शीर्ष नेतासब छोटका दलके सांसदसबके अपनपक्षमें भोट करैके लेल लगातार आग्रह करहल अछि ।
“हम नेकपा एमालेके अध्यक्ष केपी शर्मा ओलीके सेहो ई प्रस्ताव पारित कराब सहयोगके लेल आग्रह केने छेली,” सत्तारुढ दलके एक नेता कहलक, “मुदा उ नै मानलक । उ नैमानलक तब हमसब छोटका दलके सांसदसब के आग्रह केने छी । नेकपा एमाले नै मानत तs नै मानो ओकरा बिना संविधान संशोधन पारित कराबै के कुस्ती जारी अछि।”
सरकार संसदमें दर्ता केने संविधान संशोधन विधेयक आय से प्रक्रियामें प्रवेश करबै के तयारी भेल छेल मुदा आब २१ गते हेत सचिवालय जानकारी देने अछि ।
सभामुख ओनसरी घर्तीके प्रेस सल्लाहकार वविन शर्मा देने जानकारीअनुसार आय ११ बजेबाध बैठल संसद्के बैठकमें संशोधन प्रक्रिया आगू बढाब के तयारी छेल मुदा चुनाब के कारण अब २१ गते हेत ।
एहेन अछि सरकारके तयारी
अखुन संसदमें जम्मा रहल संख्या ५९३ अछि । ओकर दुई तिहाई अर्थात ३९७ सांसदके भोट पक्षमें खस्ल तब संविधान संशोधन विधेयक पारित हेत ।
मुदा अखुन सत्तारुढ दलमें ३९३ भोट अछि । कांग्रेस २०७, माओवादी केन्द्र ८१, राप्रपा ३६, राजपा २४, संघीय समाजवादी फोरम नेपाल १५, फोरम लोकतान्त्रिक १४ आ नेकपा संयुक्तसहित छोटका दल १६ रहल अछि ।
मुदा ४ गो भोट और नै पुइग रहल से देखा रहल अछि । ओकरा लेल कांग्रेस आ माओवादी केन्द्रके शीर्ष नेतासब छोटका दलसब के साथ छलफलमें रहल से स्रोतले जानकारी देने अछि ।
अखुन संशोधन प्रस्तावके विपक्षमें आनेकी फेल करै में १९५ भोट देखा रहल अछि । नेकपा एमाले १८१, नेकपा माले ५, नेमकिपा ४, राजमो ३, बहुजन पार्टी १ आ मधेस समता पार्टी १ रहल अछि ।
मुदा विपक्षमें रहल दल हमरा और के अखुन १९८ भोट कायम रहल दावी करै आरहल अछि । बहुजन पार्टीके नेता विश्वेन्द्र पासवान अखुन हमरा सब के समर्थनविना सरकार संशोधन प्रस्ताव पारित करै लेल नै सकत बतौने अछि । संशोधन प्रस्ताव राष्ट्रके पक्षमें नै रहल अखुन समर्थन नै कसकै छी कहने अछि ।
उच्च स्रोतके अनुसार कांग्रेस आ माओवादी केन्द्रले छोटका दलके सांसदसबके नयाँ बनै वाल सरकारमें मन्त्री पद सुरक्षित बना देब से आश्वासन देने अछि । ओहि से एमालेबिना अखुनो बहुमत पुगबै के प्रयास भरहल अछि ।
संसद् सचिवालय उच्च स्रोतके अनुसार एमालेके सहमतिबिना संविधान संशोधन पारित हुवालेल सम्भावना बहुत कम अछि ।
आगू देखु की हेत ; - अशोक कुमार सहनी
अशोक कुमार सहनी ,अपन मिथिला ,बैशाख १७ गते । सरकार संसदमें प्रस्तुत केने संविधान संशोधन विधेयक पारित करै लेल ४ भोट नै पुइग रहल अछि ओकरालेल सरकार बहुत जोर शोर से गृहकार्य करहल अछि ।
कांग्रेस आ माओवादी केन्द्रके शीर्ष नेतासब छोटका दलके सांसदसबके अपनपक्षमें भोट करैके लेल लगातार आग्रह करहल अछि ।
“हम नेकपा एमालेके अध्यक्ष केपी शर्मा ओलीके सेहो ई प्रस्ताव पारित कराब सहयोगके लेल आग्रह केने छेली,” सत्तारुढ दलके एक नेता कहलक, “मुदा उ नै मानलक । उ नैमानलक तब हमसब छोटका दलके सांसदसब के आग्रह केने छी । नेकपा एमाले नै मानत तs नै मानो ओकरा बिना संविधान संशोधन पारित कराबै के कुस्ती जारी अछि।”
सरकार संसदमें दर्ता केने संविधान संशोधन विधेयक आय से प्रक्रियामें प्रवेश करबै के तयारी भेल छेल मुदा आब २१ गते हेत सचिवालय जानकारी देने अछि ।
सभामुख ओनसरी घर्तीके प्रेस सल्लाहकार वविन शर्मा देने जानकारीअनुसार आय ११ बजेबाध बैठल संसद्के बैठकमें संशोधन प्रक्रिया आगू बढाब के तयारी छेल मुदा चुनाब के कारण अब २१ गते हेत ।
एहेन अछि सरकारके तयारी
अखुन संसदमें जम्मा रहल संख्या ५९३ अछि । ओकर दुई तिहाई अर्थात ३९७ सांसदके भोट पक्षमें खस्ल तब संविधान संशोधन विधेयक पारित हेत ।
मुदा अखुन सत्तारुढ दलमें ३९३ भोट अछि । कांग्रेस २०७, माओवादी केन्द्र ८१, राप्रपा ३६, राजपा २४, संघीय समाजवादी फोरम नेपाल १५, फोरम लोकतान्त्रिक १४ आ नेकपा संयुक्तसहित छोटका दल १६ रहल अछि ।
मुदा ४ गो भोट और नै पुइग रहल से देखा रहल अछि । ओकरा लेल कांग्रेस आ माओवादी केन्द्रके शीर्ष नेतासब छोटका दलसब के साथ छलफलमें रहल से स्रोतले जानकारी देने अछि ।
अखुन संशोधन प्रस्तावके विपक्षमें आनेकी फेल करै में १९५ भोट देखा रहल अछि । नेकपा एमाले १८१, नेकपा माले ५, नेमकिपा ४, राजमो ३, बहुजन पार्टी १ आ मधेस समता पार्टी १ रहल अछि ।
मुदा विपक्षमें रहल दल हमरा और के अखुन १९८ भोट कायम रहल दावी करै आरहल अछि । बहुजन पार्टीके नेता विश्वेन्द्र पासवान अखुन हमरा सब के समर्थनविना सरकार संशोधन प्रस्ताव पारित करै लेल नै सकत बतौने अछि । संशोधन प्रस्ताव राष्ट्रके पक्षमें नै रहल अखुन समर्थन नै कसकै छी कहने अछि ।
उच्च स्रोतके अनुसार कांग्रेस आ माओवादी केन्द्रले छोटका दलके सांसदसबके नयाँ बनै वाल सरकारमें मन्त्री पद सुरक्षित बना देब से आश्वासन देने अछि । ओहि से एमालेबिना अखुनो बहुमत पुगबै के प्रयास भरहल अछि ।
संसद् सचिवालय उच्च स्रोतके अनुसार एमालेके सहमतिबिना संविधान संशोधन पारित हुवालेल सम्भावना बहुत कम अछि ।
आगू देखु की हेत ; - अशोक कुमार सहनी

कोई टिप्पणी नहीं