हमरा नैन मे अपन प्यार देलक
💐 हमरा नैन मे अपन प्यार देलक 💐
✍👤दिनेश कुमार राम
आखर फुल छल, जे सुगन्ध देलक,
हमरा दिल के बुलन्द देलक!!
हार गेलौँ हम, दुनिया सँ जखन,
हमरा दिल के आवाज देलक!!
सोच सोच क लिखलौँ,पन्ना पन्ना,
लिखेमे हमरा उ, साथ देलक!!
जहि दिन, केकरो याद मे डुबल रहि,
ओहि दिन हमरा, अपन याद देलक!!
आँखी सं नोर बहा, दिन बितबैत, रहि जखन,
नैन सँ नैन मिला, अपन प्यार देलक!!
बहुत अभारी छि, ओहि नैन के हम,
जे हमरा, नैन मे अपन प्यार देलक !!
✍👤दिनेश कुमार राम
सुगा मधुकरही -६ धनुषा
हाल: दोहा कतार।
✍👤दिनेश कुमार राम
आखर फुल छल, जे सुगन्ध देलक,
हमरा दिल के बुलन्द देलक!!
हार गेलौँ हम, दुनिया सँ जखन,
हमरा दिल के आवाज देलक!!
सोच सोच क लिखलौँ,पन्ना पन्ना,
लिखेमे हमरा उ, साथ देलक!!
जहि दिन, केकरो याद मे डुबल रहि,
ओहि दिन हमरा, अपन याद देलक!!
आँखी सं नोर बहा, दिन बितबैत, रहि जखन,
नैन सँ नैन मिला, अपन प्यार देलक!!
बहुत अभारी छि, ओहि नैन के हम,
जे हमरा, नैन मे अपन प्यार देलक !!
✍👤दिनेश कुमार राम
सुगा मधुकरही -६ धनुषा
हाल: दोहा कतार।
![]() |
| कवि - दिनेश कुमार राम जी |


कोई टिप्पणी नहीं