"हमरा लए चल हमर गाम"
"हमरा लए चल हमर गाम"
✍👩भारती झा
हमरा ल चल हमर गाम रे मनवाँ ।।2।।
जतय गाछ स छैन-२ आवै कुहु-२ के बोली
जतय गाम के कोनो काज पर बनि जाइत अछि टोली
रे मनवाँ ल चल हमरा गाम।।2।।
किनकॊ सासूर नइहर अछि ओ,
स्वर्गहुं से बढि सुखधाम
माँ जननी केर मातृभूमि अछि
बहैया कमला कोसी बलानि
रे मनवाँ..........................॥2॥
जतय रहै छल मां बाबू के
अनुशासन में सब बच्चा
बूढ़ दाय-बाबा सब सदिखन
करैथ सभक रक्षा........
रे मनवाँ..........................॥2॥
जतय रहे छैत बाबा, मैंया ,
कक्का दीदी यार दोस्त घर -२ टोल।
जतय मां के प्रेमक चटकन से
फुटैत अछि बच्चा के बोल।
रे मनवाँ...........................॥2॥
जतैय भेटैत अछि आरु,खम्हारु,
साग,ठढिया गेन्हारी, पटुआ साथ
कुम्हरौरी , वर,बड़ी,अदौरी,
आ टाट पर तिलकोरा के पात
रे मनवाँ..............................॥2॥
जतय खेल-खेल में फकरा लाथें,
सीखलौह ज्ञानक ढंग
जतय गाम के कुनु काज में
रहे पांच गाम संग
रे मनवाँ...............................॥2॥
जतय थाल-कींच संकीर्ण गली में
कांट स बेढल ठाम
गादि भरल पोखरी चभहच्चा ,
दर्शन दुर्लभ कमल मखान
रे मनवाँ..................................॥2॥
जतय नै होय छै चोरी चकारी,
नै होय छै खुन खराबा।
जतय मुंडन,जनौ बियाह में
गाम के औरत सब गाव
रे मनवा.................................॥2॥
जतय लाज के घुंघट में
रहै छलखिन कनिया सबहक
शर्म,हया, श्रृंगार छलै
बेटी कनिया सबहक
रे मनवाँ...............................॥2॥
जतय सर्वोपरि बात चलै छल
घर के मूखिया सब हक
पति परमेश्वर कखन ऐथिन इ सोइच-२
बाट तकैत छलखिन कनिया सब
रे मनवाँ ..............................॥2॥
📝👩 भारती झा
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| कबियात्री- भारती झा जी |
✍👩भारती झा
हमरा ल चल हमर गाम रे मनवाँ ।।2।।
जतय गाछ स छैन-२ आवै कुहु-२ के बोली
जतय गाम के कोनो काज पर बनि जाइत अछि टोली
रे मनवाँ ल चल हमरा गाम।।2।।
किनकॊ सासूर नइहर अछि ओ,
स्वर्गहुं से बढि सुखधाम
माँ जननी केर मातृभूमि अछि
बहैया कमला कोसी बलानि
रे मनवाँ..........................॥2॥
जतय रहै छल मां बाबू के
अनुशासन में सब बच्चा
बूढ़ दाय-बाबा सब सदिखन
करैथ सभक रक्षा........
रे मनवाँ..........................॥2॥
जतय रहे छैत बाबा, मैंया ,
कक्का दीदी यार दोस्त घर -२ टोल।
जतय मां के प्रेमक चटकन से
फुटैत अछि बच्चा के बोल।
रे मनवाँ...........................॥2॥
जतैय भेटैत अछि आरु,खम्हारु,
साग,ठढिया गेन्हारी, पटुआ साथ
कुम्हरौरी , वर,बड़ी,अदौरी,
आ टाट पर तिलकोरा के पात
रे मनवाँ..............................॥2॥
जतय खेल-खेल में फकरा लाथें,
सीखलौह ज्ञानक ढंग
जतय गाम के कुनु काज में
रहे पांच गाम संग
रे मनवाँ...............................॥2॥
जतय थाल-कींच संकीर्ण गली में
कांट स बेढल ठाम
गादि भरल पोखरी चभहच्चा ,
दर्शन दुर्लभ कमल मखान
रे मनवाँ..................................॥2॥
जतय नै होय छै चोरी चकारी,
नै होय छै खुन खराबा।
जतय मुंडन,जनौ बियाह में
गाम के औरत सब गाव
रे मनवा.................................॥2॥
जतय लाज के घुंघट में
रहै छलखिन कनिया सबहक
शर्म,हया, श्रृंगार छलै
बेटी कनिया सबहक
रे मनवाँ...............................॥2॥
जतय सर्वोपरि बात चलै छल
घर के मूखिया सब हक
पति परमेश्वर कखन ऐथिन इ सोइच-२
बाट तकैत छलखिन कनिया सब
रे मनवाँ ..............................॥2॥
📝👩 भारती झा

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