लगनो बितल जाइए, नैंना नोर बहैए. (मैथिलि गीत)
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भास- मेरे नैंना सावन भादो........हिन्दि फिल्म- मेंहबूबा
लोक हँसैए लाज लगैए
लगनो बितल जाइए, नैंना नोर बहैए.......
कते दिन रहबै कुमार
एतै कहिआ जीवन में बहार
सोचिते सोचिते दिन बितैए, तकिते राति कटैए
बिरह बानक टीस ह्रदय में, आब नै सहल जाइए
नैंना नोर....................
हमर जीवन बिनु प्रीत
संगीत बिनु जेना गीत
मोंनक ब्यथा मोनहिं में दबोने, भितरे भितरे कुहरै छी
खेपब नैं माघक शीतलहरी, व्याकुल मोंन कहैए
नैंना नोर...................
केहेंन भेलै हमरो कपार
जीवन लगैए आब पहार
बाबू के मुँह स सुनि पाँच लाख, घटको नैं एको गो अबैए
तेल बिना बाती जेना, सगरो देह जरैए
नैंना नोर..................
✍👤विजय कुमार ठाकुर


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