परदेशी पिया
कोना रहै छी पिया सात समुन्दर पार मे,,,,,
आहाँ बिनु नीक नै लागे घर आ दुवार में,,,,,,,
राईत भर जगै छी पिया अहीँक प्यार में,,,,
आहाँ बिनु नीक नै लागे घर आ दुवार में,,,,,
नयन तरपि रहल अछि,सदिखन अहीँक इंतेजार में,
आहाँ बिनु नीक नै लागे घर आ दुवार में,,,,,,
सब किउ अछि मुदा अहाँ बिना अन्हार अछि संसार में,,,,,,
सुतल रहै छी मुदा नयन ब्याकुल रहैया अहीँक दुलार में,,,,,,
कोना रहै छी पिया सात समुन्दर पार में,,,,,
आहाँ बिनु नीक नै लागे घर आ दुवार में,,,,,,
✍अहमद रेज़ा
हाँसपट्टी ८
हॉल- दोहा क़तार
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