माय गे हम त' खूब नाम कमेलियो
प्रशंसा त' सगठे, कतौ नै दाम कमेलियौ
माय गे माय हम त' खूब नाम कमेलियौ॥
भुख-पियास बिसरि रेडियोमे चिचियाबैत,
आवाजक चर्चा हे गे ठामे-ठाम कमेलियौ॥
स्थानिय फ्रिक्वेन्सीमे,विकट अॅन लाईनमे
देश-विदेश,सहर आ गामे-गाम कमेलियै॥
मैँनेजर कमा-कमाक' ब्यूलडिङ्ग ठोकलकौ,
अपना फुसोके घरमे नै आराम कमेलियौ॥
अपन माटि लेल कलाकार कहिँ वा कलर,
साँचे दिल खोलिके खुले आम कमेलियौ॥
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© विद्यानन्द वेदर्दी
सप्तरी,राजविराज
हाल: विराटनगर,मोरङ्ग
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