जिनगी के गीत - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

जिनगी के गीत


एल बिहाईर नै भगैय जाऊ,
जिनगी के गीत गाबैत जाऊ।

एक दिन मिलत निसान अहाँके,
हर डेगके आगा बढाबैत जाऊ।

आन लोग पथ से जाएत,
पथ के काँट हटाबैत जाऊ।

दारू जहर भेल आइ काल्हि ,
अहाँ आँखि स' पिलाबैत जाऊ।

इ गाम इ शहर अछि जहर भरल "अशोक",
अहाँ नेह के किरण चमकाबैत जाऊ।

अशोक कुमार सहनी
लहान ४रघुनाथ पुर
हाल 【दोहा कतार 】

कोई टिप्पणी नहीं