#कता हमर दिलमे छी अहाँ हमर धडकनमे छी अहाँ बहैत देहक शोणितके कण कण मे छी अहाँई जिनगी छै जंग कखनो हार कखनो जीतमुदा सुख दुख के संगी हर छण मे छी अहाँ#विन्देश्वर_ठाकुर२२/८/२०१६
कोई टिप्पणी नहीं