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चल गे सखी

कृष्णजनामष्टमिक हार्दिक शुभकामना
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चल गे सखी, माँ यशोदा के अंगनवाँ
यशोदा के अंगनवाँ, गोदीया ललनवाँ
चल गे सखी…………….

कतबो देखैछ कियो, भरै छै ने मनवाँ
नन्द बाबा नाचै छै, लुटाबै मोती सोनवाँ
चल गे सखी, चल निहारऽ मन-मोहना
निहारऽ मन मोहना, यशोदा के अंगनवाँ
चल गे सखी…………….

चहुँ दिस दिपक, बाजै छै बजनवाँ
मेघ सँ झम झम, पुष्प खसनवाँ
चल गे सखी, चल सोहर गवनवाँ
सोहर गवनवाँ, यशोदा के अंगनवाँ
चल गे सखी…………….

साँवर सुरत जेना, छै भगवनवाँ
कारी-कारी आँखि, हियाक जुरनवाँ
चल गे सखी, लेबै माथ चरनवाँ
माथ चरनवाँ, यशोदा के अंगनवाँ
चल गे सखी……………

जग पालक आई, झुलय पलनवाँ
दिन दुखी के दीन, करथि सुदिनवाँ
चल गे सखि, चल कान्हा के सरनवाँ
कानहा के सरनवाँ , यशोदा के अंगनवाँ
चल के सखी.........

✍रंजीत कुमार झा, २५/०८/२०१६

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