सुखलै अाँइखक लोर - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

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सुखलै अाँइखक लोर

सुखलै आइखक लोर

सागर  सुखलै   नदि  सुखलै
सुखलै   अाँइखक   लोर --२ !!
राइत  बितावैत  कठिन  हैछै
जाइग क      करैछी      भोर !!

पियागेलै  परदेश  कहिया ऐतै
चिट्ठीयोने    आवैछै     = २ !!
होइत साँझ हम दीप जलावैछी
इश्वरक    हम    भक्ती    करैछी !!

राइत  दिन  हम  आशा  जुहैछी
अँगनासँ दुरा प दौर क आवैछी !!
परदेशमें  केना  रहैत हेतै  पिया
घबरावै छै   दिल   मन    जिया !!

चुरी खनखन बाजे पायल झन्झन
सोलहो  सिंगारमे  सजल छी हम !!
सम्भालेन   सम्भले    गोरे   बदन
पियासी   धर्ती    पियासल   मन !!

तुही निरज नीर पिया तुही चन्दन
तुही  बिन्दिया  पिया  तुही नयन !!
हे    चन्दा   तु    सन्देश    नेनेजा
जोन  नगरमे   रहैछै  मोरे   पिया !!

चन्दा सुनाबियह स्वदेशक लोरिया
गावैछै     गीत .....  घरमे     गुरिया !!
बसन्त लहरावैछै कोइली गीत गावैछै
मनक    बगियामे    तीतली   नाचैछै !!

सागर    सुखलै    नदी    सुखलै
सुख्लै   आइख क      लोर  -- २ !!
राइत   बितावैत    कठिन   हैछै
जाइग क        करैछी        भोर !!


गीतकार-: Md Aiyub Rain
राजविराज

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