किया जाइग रहल अछि ओ
आहट सs अनहरियोमे लाइग रहल अछी ओ
गाम भेलै सुनसान किया जाइग रहल अछी ओ
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हम छोइर चलैछी जं अपना संग अपनो के
डेग-डेग पs पाथर सs दाइग रहल अछी ओ
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चलैत हम अपना मन्जिल पs ओ मन्जिल पs
दुनिया रोके लाख संग भाइग रहल अछी ओ
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देखैत अपना एनामे जं नही अपनाके देखि
भ्रममे नयनके दोष स्नेह माइग रहल अछि ओ
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कतौ बर्फो सs ठण्डा मोनमे बरैत रहली ओ
आखिरमे बुइझ गेलौ आइग रहल अछी ओ
✍अब्दुर रज्जाक
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