चौरचन बिशेष रचना
देखु उतैर अंगना हमर चान एलैन्
चिकनिक चौर लगाउल देख मुस्कान देलैन्
पुत्र सहित पतिलेल दही भरल मटकुरी दक
एक टाङ्गपर खडा माँ कमिक छामा मागलैन्
कलसमे पलुवा सँग गमकैत पकमान देख
सरापित चन्दा पहिले गणेशक नाम जपलैन्
उपासल कन्या जल उछरैङ्ग हांथ उठाक
नै लगै लोकक कलङ्क वर्दान मगलैन्
बाबा धिया पुता सँग मरर भाईङ्गक
खीर पुरी दही सँग लताम खेलैन्
~~ 💘आनन्द राम💘
गाऊँ:-बर्छवा ९ सिस्वनी
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