बीहनि कथा अनंत चतुर्दशी
💐 बीहनि कथा
🙏 अनंत चतुर्दशी
~ कि हउ बच्चा भोरहि -भोर सजल डाली मे कथि कतय नेने जाइत छऽ ?
~ से अहाँ के नहि बुझल अछि से ?
~ कि नहि हमरा बुझल अछि ? आ सब गप हमरा बुझले रहत कि हम जमुद्री शास्त्रक ज्ञाता रहि जहिना !
~ हयउ आय अनंत चतुर्दशी छियै ने !
~ त कि भेलय ? एहि दिन कऽ लोक डालि लऽ भेल फिरै छय कि ?
~ अरे नहि ! लोक डालि लऽ कऽ किआ फिरतहि ?
~ तखन तूं किआ लेने फिरैत छऽ ?
~ यउ एहि डाली मे अनंत भगवान छथिन आ हुनक प्रसाद छैन्ह !
~ ऐंऽ हउ नाम छियैन्ह अनंत आ तोरा डालि मे कोना समटायल छथुन ? सेहो भोजनक संग कि हुनाक तों कैद कऽ धेने छऽ ! एहि अनंत'क कोन अर्थ ? भगवान सेहो कहैत छऽ तखन - - -
~ ओह ! एहि मे अनंतक डोरा लेने छियैन्ह ! हे देख लियहु - - -
~ आहिरेवा तों तऽ आर हद्द केलह ! अनंत'क डोरा सेहो एतनी टा कऽ ?
~ जाय दियऽ अहाँ संग के लागत ? नास्तिक लोक छि अहाँ ?
~ जाहऽ उचित गप बजलहु तऽ नास्तिक भऽ गेलहु !
✍ वी०सी०झा"बमबम"
कैथिनियाँ
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