मैथिलि के सान छै ई पाग
अपन माइटपर गुमान स्वाभिमान छै ई पाग ।
मिथिला लोककेँ मरजादा पहिचान छै ई पाग ।।
हरियर सोन उपजै खेत दूभि धान छै ई पाग ।।
सभ आँगनमे लोटथि सिया सुकुमारी ।
के नञि जनैए भारतीकेँ बुधियारी ।।
सलहेसकेँ पौरुष विद्यापतिकेँ गान छै ई पाग ।
हमर संस्कृतिकेँ प्रतीक संस्कार छै ई ।
वियाह दाने नञि पावनि तिहार छै ई ।।
ठाँव पीरही अरिपन विधि विधान छै ई पाग ।
एक जाइत छी मैथिल याद राखी बस ।
करेजमे मिथिला आबाद राखि बस ।।
गंगाक धार कोसी कमला आ बलान छै ई पाग ।
~> ✍मैथिल प्रशान्त
दुर्गौली, बेनीपट्टी ।
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