फाटल करेजा आब सियलो नै जाइय
कतेक वजबै आहा आब सहलो नै जाइय !
हमर फाटल करेजा आब सियलो नै जाइय !!
आबो हरहर खटखट कर त बन्द करु ।
दुनियाँ छोइड चैल जाइके मोन करैय ।।
मानवताके गुण नेहमे लगा देखु कनिकटा ।
कतेक सुन्दर जिन्दगी आपने भ जाइय ।।
देख अहाके बहुत सुन्दर व्यवहार लगैय ।
कुलक्षणिके किरदानी अहाके बेकार लगैय ।।
परिश्रम कके जिन्दगी बिताबके प्रयास करु ।
जिन्दगी अहाके आपने कतेक महान भ जाइय ।।
बिनोद मेहता,भोक्राहा सुनसरी
हाल बिराटनगर मोरङ
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