बाल दिवस मैथिलि गीत
#बाल_दिवस पर एकटा #गीत
कोख भितरमे नञि दहि - माए, हमरा मरअ गे।
बेटे सन दुलार मे दहि स्कुल, हमरा पढअ गे।
आब बेटीके जेल एहिना घर-घरमे बनतै कि
स्कुल देख सीता, सब दिन कल्पैत-कनतै कि
भदवा बनए समाज ,नञि दैइ आगु बढअ गे।
डेग डेगमे कशं जिबै छै, मारअ एहि दुनिया मे।
नै बचबै अाब हौ बाबू , कनियाे दया नै खुनियामे।
लैत जन्म नुन चटा दे,नहि दहि असगर हमरा सडअ गे
किरिया खाले करब नहि कहियाे अत्याचार ।
घरेएमे स्कुल बनाए, देबए धीया के संस्कार।
जागि उठल छै अाब सीता, सब कशंस लडअ गे
गजेंद्र गजुर
लहान
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