दुखे-दुखे जिन्दगी कटलीसुखे आब लगल त छोइर देलकसव दिन मिल जुइक रह चाहलीआँगन मे टाट जोइर देलकबहुत हम मानै छली आब विश्वासतोइर देलक✍ धनेश्वर ठाकुर
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