जे छी अहाँ बस स्नेह सजल  सम्मान सन छी यै - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

जे छी अहाँ बस स्नेह सजल  सम्मान सन छी यै

एहि नील अम्बरमे उगल प्रिय चान सन छी यै ।
हृदयमे चतरल  पात हरियर   पान सन  छी यै ।

सुनू  ई  नैन कारी जेना शराबक नशां फ्ऱसय ,
सुधिए बिसरि जाइ छी अपनकि आन सन छी यै ।

बसन्तक कोइली जेना  मादक आ ई मीठ बोली ,
आ वीणासँ निकलैत राग सरगम तान सन छी यै ।

ठोर पर मन्द मुस्की आ कटि धरि केश लटकौने ,

जे छी अहाँ बस स्नेह सजल  सम्मान सन छी यै

लेखक ✍ kislay krishna जी



कोई टिप्पणी नहीं