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अहि पुजा में गै मैए, तु कऽ ले Agreement

(हमहुँ विचित्र बालक छी, माँ के कोना क' कोनो गप्प कहि से धरि कह' नहिं आयल.....आब मैए के जेहन मर्जी....बुरबको छियै त' छियै ओकरे ने...
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प्रस्तुत अछि रंजीत जी के आधुनिक मैया रानीक गीत....केहन लागल से निश्चिते कही..हम अधलाह नहिं मानब.....)
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✍रंजीत कुमार झा 

अहि पुजा में गै मैए, तु कऽ ले Agreement

विपति के हमर जिनगी में, रखबें की Percent



सुनै छियौ तु दुःख हरणी छैं, सबहक लेल छौ एक्के Rule

हमरे बेरिया नियम टुटै छौ, केलियौ हम माँ केहन भुल

हम छियौ बतहबा तोहर, माँ बेटा Innocent

विपति के हमर जिनगी में………………………



नहिं जानी हम जप-तप मैया, पुजा-पाठ में छी हम Fail

हमर नाम धरि बदलि गेल अछि, सब कहैत अछि हम ढहलेल

माँ हमर भविष्यक रेखा, कऽ दे तु Amend

विपति के हमर जिनगी में………………………



दानव दल के चण्डी बनि माँ, चटबै छैं तु पल में धुल

सुनै छियौ तु भक्त लै सदिखन, बनल रहैछैं हरिदम Cool

कहिया धरि रहबें रुसल, माँ कऽ ले Settlement

विपति के हमर जिनगी में………………………



सर कुटुम सब हँसी के संगी, सब गमेलहुँ बाँचल नोर

हे जगदम्बे आस तोरे आब, बैला दे वा खोलै Door.

कहिया धरि तु अनठेबैं,  माँ call हमर Urgent

विपति के हमर जिनगी में………………………



✍रंजीत कुमार झा, ०७/१०/२०१६

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