गांम एलैया माँ - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

गांम एलैया माँ

।।गांम एलैया माँ।।
-------

✍सुबोध चौधरी
चम चम चुनरी चमकै छै,
मांथक बिंदिजयां दमकै छै।
माला अरहुल फुल छै,
हाथ लेने त्रिशुल छै,
शेर पर भऽ क सवार माँ....
गांम एलैया माँ गांम एलैया माँ।..2
*
फेर नवरात्रि आयल छै,
नव नव रूप मन भाबैय छै।
खुब सजल दरबार माँ, भक्त शरण मे ठार माँ।
करथिन सब के कल्याण माँऽऽ, ......
गांम एलैया माँ.......
*
केकरो देथिन काया माँ,
केकरो अन धन माया माँ।
कोय स्नेह सॅ भींज कऽ,
भक्ति के धन पेतैय अत्।
सुनथिन सब के पुकार माँऽऽ, ....
गांम एलैया माँ. ......
*
सबहक दुःख संताप हरऽ,
फेर सॅ पापक नाश करऽ।
पापी केर संहार करऽ,
नाव भवंर सॅ पार करऽ।
रुप धेने विकराल माँऽऽ,
गांम एलैया माँ. .....
(प्रेम सं कहियौ शेरावाली मैया की जय)
©✍सुबोध चौधरी।

कोई टिप्पणी नहीं