प्लीज बनुनऽ हमर दुलन्हियाँ
प्लीज बनुनऽ दुलहनियाँ
देख आहांकऽ गगरल जवानी ।
हमरा नयनसँ झहरैयऽ पानी ।।
मन करै बनाबि एक कहानी ।
प्लीज बनुनऽ हमर दिवानी ।।
उडि गेल हमर दिलके चयन ।
आँसुसं भरि जायै दुनु नयन ।।
दिलमे बनिगेल विशाल मयन ।
हमर दिल शान्त ह्यात कखैन ।।
नाकमे आहांकऽ नथुनियां ।
पाऊमे झनकै झनझनियां ।।
देखकऽ चेहरा मुस्कुराइए ।
भरल जवानी घायल करैए ।।
सुनिकऽ आहांक मधुर बोली ।
सिसाकऽ दिलमे लागैय गोली ।।
आहाँके बनाकऽ राखब रनियाँ ।
प्लीज बनुनऽ हमर दुलन्हियाँ ।।
°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°
रचनाकार & ©:- गंगा प्रसाद कुशवाहा 'जेएन'
ठेगाना :- गोविन्दपुर - ०६ ( मलहन्मा )
जिल्ला:- सिरहा ( नेपाल )
देख आहांकऽ गगरल जवानी ।
हमरा नयनसँ झहरैयऽ पानी ।।
मन करै बनाबि एक कहानी ।
प्लीज बनुनऽ हमर दिवानी ।।
उडि गेल हमर दिलके चयन ।
आँसुसं भरि जायै दुनु नयन ।।
दिलमे बनिगेल विशाल मयन ।
हमर दिल शान्त ह्यात कखैन ।।
नाकमे आहांकऽ नथुनियां ।
पाऊमे झनकै झनझनियां ।।
देखकऽ चेहरा मुस्कुराइए ।
भरल जवानी घायल करैए ।।
सुनिकऽ आहांक मधुर बोली ।
सिसाकऽ दिलमे लागैय गोली ।।
आहाँके बनाकऽ राखब रनियाँ ।
प्लीज बनुनऽ हमर दुलन्हियाँ ।।
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रचनाकार & ©:- गंगा प्रसाद कुशवाहा 'जेएन'
ठेगाना :- गोविन्दपुर - ०६ ( मलहन्मा )
जिल्ला:- सिरहा ( नेपाल )

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