ऒर के दुःखमन में आहाँ एक इमान राखु,बाइबिल,गीता,कुरआन राखु।समझल करि कहियो दोसर के दर्द,आहाँ मन में एक सच्चा इंसान राखु ।।✍अशोक कुमार सहनीलहान ४ रघुनाथपुरहॉल (दोहा क़तार)#अपन_मिथिला
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