आइ दियावातीमे दियारी जलेबै हम
आइ दियावातीमे दियारी जलेबै हम
✍अशोक कुमार सहनी
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आइ दियावातीमे दियारी जलेबै हम,
घर दूवार प्यारके रंग से सजेबै हम ।
रहे नै कोनो भेद, नै रहे कोनो भाव,
मिलजुइलके साथ में दियारी जलेबै हम ।
रुसलके मनाबै, हरायलके मिलेबै,
सुमधुर मिथिलाके गीत गाबवै हम ।
कुछ नयाँ पुरान यादके सजाके,
मिथिला के अनहरिया हटेबै हम ।
दियारी, हुकालोली ऒर भटकाके सँगे,
मैथिल एकताके झण्डा लहरेबै हम ।
मिथिला एकताके झण्डा लहरेबै हम ।
जय मैथिल ,जय मिथिला
✍ 'अशोक कुमार सहनी'
लहान ४ रघुनाथपुर
अखुन, (दोहा क़तार)
🔵❤🔵❤🔵❤🔵❤🔵🔵
पोस्ट -:अशोक कुमार सहनी
✍✍✍✍✍🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
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✍अशोक कुमार सहनी
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आइ दियावातीमे दियारी जलेबै हम,
घर दूवार प्यारके रंग से सजेबै हम ।
रहे नै कोनो भेद, नै रहे कोनो भाव,
मिलजुइलके साथ में दियारी जलेबै हम ।
रुसलके मनाबै, हरायलके मिलेबै,
सुमधुर मिथिलाके गीत गाबवै हम ।
कुछ नयाँ पुरान यादके सजाके,
मिथिला के अनहरिया हटेबै हम ।
दियारी, हुकालोली ऒर भटकाके सँगे,
मैथिल एकताके झण्डा लहरेबै हम ।
मिथिला एकताके झण्डा लहरेबै हम ।
जय मैथिल ,जय मिथिला
✍ 'अशोक कुमार सहनी'
लहान ४ रघुनाथपुर
अखुन, (दोहा क़तार)
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पोस्ट -:अशोक कुमार सहनी
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