दुनियां सँ हारल झमाड़ल एलौं माँ शरण में लगाबु हे - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

दुनियां सँ हारल झमाड़ल एलौं माँ शरण में लगाबु हे

दुनियां सँ हारल झमाड़ल एलौं माँ शरण में लगाबु हे


✍अमित पाठक

दुनियां सँ हारल झमाड़ल एलौं माँ शरण में लगाबु हे
शरण में लगाबु शरण में लगाबु
एगो अहीं के भरोसा केलौं माँ आस पुराबु हे
दुनियां सँ हारल...............

छी पूत अ'हीं के अ'हीं छी माता
हमरा अहां के ई अनमोल नाता
ममताक सागर अभगलोक खातिर एक बेर बहाबु हे
दुनियां सँ हारल ...............

दोसर ने दोसर के बूझए विपतिया
ककरा कहब जाय दुख केर बतिया
करियौ दया माय सेवक सुत पर विपदा हटाबु हे
दुनियां सँ हारल..............

मोनक मनोरथ आ जिनगीक सपना
रहितौं सदा अम्ब अ'हींक अंगना
स'ख हमर पूर क' कें भवानी हमरा जुड़ाबु हे
दुनियां सँ हारल...............
एगो अहीं के....................

                                    ✍अमित पाठक

कोई टिप्पणी नहीं