"बलरा गाम केर दुर्गा पुजा।"
"बलरा गाम केर दुर्गा पुजा।"
✍रंजित झा, अपन मिथिला ।बलरा सर्लाही नेपाल।
देवभुमि मिथिला मे पावनि तिहारक कोनो कमि नञि अछि। मिथिला मे पावनि तिहार सम्बन्धी एकटा प्रशिद्ध कहबि अछि जे ' आई लघपाँचे, सभ पवनि नाचे' अर्थात लघपाँचे सँ मिथिला मे पावनि तिहारक बाढि आबऽ लगैत अछि। असत्य उपर सत्य केर विजय के रुप मे प्रचलित दशहरा पावनि मिथिला मे उमंग संग मनाओल जाइत अछि।
सर्लाही जिल्लाक बलरा गाव मे दुर्गा केर प्रतिमा राखि करिब 30 वर्ष सँ प्रत्येक दशहरा मे पुजन भऽ रहल अछि। पहिने स्कुल मे प्रतिमा राखि पुजन होइत छल मुदा करिब 10 साल सँ बलरा बजार स्थित दुर्गा भवन मे पुजन होइत अछि। बलरा मे दुर्गा भवानीक प्रतिमा राखि दुर्गा पुजन केर प्रारम्भ श्री बलभद्र मिश्र केने छलाह।
दशहराक पहिनही दिन सँ 'दुर्गा मन्त्र' बलरा मे गुञ्जमान होमय लगैत अछि आ बेरिये पहर सँ बलराक शितलामाई मन्दिर, काली मन्दिर, महारानी स्थान, संसारी माई लगायत शक्तिपिठ सभ मे दिप लऽ महिला आ धियापुता लोकनि 'साँझ' देखाबय जाइत छन्हि। तहिना दुर्गा मन्दिर मे साँझक आरती अति आनन्दित आ मनोरम होइत अछि। मिथिलाक आने ठाम जका बलरा मे सेहो षष्ठीक दिन कुमारी कन्या सभक विसाल कलश शोभायात्रा निकालि नगर परिक्रमा पश्चात बेलनेओतन देवाक परम्परा अछि। सप्तमी तिथीक दिन माँ दुर्गा भवानीक पट खुजला वाद एतय के शितला माई मन्दिर, काली मंदिर लगायतक शक्तिपिठ सभ मे बलि प्रदान कैल जाइत अछि। सप्तमी तिथी के दिन बलरा मे ग्राम पुजा सेहो कैल जाइत अछि। सप्तमी सँ दशमी तिथी धरि एतय मेला लगैत अछि। हालांकी दुर्गा पुजन नवमी तिथीक हवन पश्चात समाप्त भऽ जाइत अछि। मिथिलाक आन ठम दुर्गा भवानीक भसान दशमी तिथीक दिन होइत अछि मुदा बलरा मे दुर्गा भसान एकादशी तिथी के दिन होइत अछि।
✍रंजीत झा
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| बलरा गामक$ माँ दुर्गा के मूर्ति |
✍रंजित झा, अपन मिथिला ।बलरा सर्लाही नेपाल।
देवभुमि मिथिला मे पावनि तिहारक कोनो कमि नञि अछि। मिथिला मे पावनि तिहार सम्बन्धी एकटा प्रशिद्ध कहबि अछि जे ' आई लघपाँचे, सभ पवनि नाचे' अर्थात लघपाँचे सँ मिथिला मे पावनि तिहारक बाढि आबऽ लगैत अछि। असत्य उपर सत्य केर विजय के रुप मे प्रचलित दशहरा पावनि मिथिला मे उमंग संग मनाओल जाइत अछि।
सर्लाही जिल्लाक बलरा गाव मे दुर्गा केर प्रतिमा राखि करिब 30 वर्ष सँ प्रत्येक दशहरा मे पुजन भऽ रहल अछि। पहिने स्कुल मे प्रतिमा राखि पुजन होइत छल मुदा करिब 10 साल सँ बलरा बजार स्थित दुर्गा भवन मे पुजन होइत अछि। बलरा मे दुर्गा भवानीक प्रतिमा राखि दुर्गा पुजन केर प्रारम्भ श्री बलभद्र मिश्र केने छलाह।
दशहराक पहिनही दिन सँ 'दुर्गा मन्त्र' बलरा मे गुञ्जमान होमय लगैत अछि आ बेरिये पहर सँ बलराक शितलामाई मन्दिर, काली मन्दिर, महारानी स्थान, संसारी माई लगायत शक्तिपिठ सभ मे दिप लऽ महिला आ धियापुता लोकनि 'साँझ' देखाबय जाइत छन्हि। तहिना दुर्गा मन्दिर मे साँझक आरती अति आनन्दित आ मनोरम होइत अछि। मिथिलाक आने ठाम जका बलरा मे सेहो षष्ठीक दिन कुमारी कन्या सभक विसाल कलश शोभायात्रा निकालि नगर परिक्रमा पश्चात बेलनेओतन देवाक परम्परा अछि। सप्तमी तिथीक दिन माँ दुर्गा भवानीक पट खुजला वाद एतय के शितला माई मन्दिर, काली मंदिर लगायतक शक्तिपिठ सभ मे बलि प्रदान कैल जाइत अछि। सप्तमी तिथी के दिन बलरा मे ग्राम पुजा सेहो कैल जाइत अछि। सप्तमी सँ दशमी तिथी धरि एतय मेला लगैत अछि। हालांकी दुर्गा पुजन नवमी तिथीक हवन पश्चात समाप्त भऽ जाइत अछि। मिथिलाक आन ठम दुर्गा भवानीक भसान दशमी तिथीक दिन होइत अछि मुदा बलरा मे दुर्गा भसान एकादशी तिथी के दिन होइत अछि।
✍रंजीत झा

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