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अरसा बाद मिलल' सपना के रानी हमर

मैथिलि गजल


✍सत्या यादव (सरोज)
अरसा  बाद  मिलल'  सपना  के  रानी   हमर।
अाई पूरा भेल जिन्गिक अाधा कहानी हमर।।

नजैर  सँ  नजैर  मिलते  शर्माक  हँसल  ओ।
जेहने हम छी  दीवाना  अोहो  दीवानी हमर।।

मोहनि  सूरत  छै  हूनकर   केश  बड  कारी।
ऐकरे   लेए   तरपैत   छल   जवानी   हमर।।

रूपक वर्णन केेाना करु नै अछि शब्द कोनो।
परियो  सँ  बेसी  सुन्दर  छै  दिलजानी हमर।।

महोब्बत बर्षा "सत्या"के देलक खूशी अथाह।
सपना   सजाक' दूर  केलक'  बिरानी  हमर।।

      सरलवार्णिक वहर
       वर्ण १७
    ✍:- सत्या यादव (सरोज)

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