✍ अशोक कुमार सहनी धन्य अछि मिथिला के नारी जे यतेक दुःख सहै छै। हसै छै दर्द में मुदा मुँह सँ कुछो नै कहै छै।। कहियो तीज त कहियो करवाचौथ ने नाम पर। भूखै प्यासल रहिके अपने में मगन रहै छै ।।
✍ 'अशोक कुमार सहनी'
#अपन_मिथिला
धन्य अछि मिथिला के नारी
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अक्टूबर 19, 2016
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