करवा चौथ
✍अशोक कुमार सहनीकुमकुम, टुकलि, चूरि, कंगना, पायल के झनकार रहे,
जब तक बहै पावन गंगा साजन आहाँ के प्यार रहे।
जन्म जन्म तक रही सुहागन हम अर्धांगिनी बैन आही के,
हे जगजननी वीणा वर दी सदियों तक हमर श्रृंगार रहे।
✍अशोक कुमार सहनी
करवा चौथ ब्रत के आहाँ सबके हार्दिक मंगलकामनाएं शुभकामना।
#अपन_मिथिला
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